चुप रहके बहुत कुछ बोला जा सकता है । जीवन का सबसे बड़ा वार्तालाप चुप रहके होता है।
कोई अपना मित्र या घर का ही अपना सदस्य, ग़ुस्से में बहुत कुछ बोलते हैं।
अगर एक पच्छ समझदारी दिखाए तो, बहुत बड़ा से बड़ा झगड़ा, मारपीट या कोई भी विवाद सुलझाया जा सकता है।
वाक़यी में जो कोई भी ग़ुस्से में होता है, वह उस समय स्वयं नहीं होता है।
उस समय उसके शरीर पर किसी और का वश होता है ।
बस उस तनिक से समय के लिए, अगला आदमी कुछ जवाब ना दे और शांत रह जाए।
तो ग़ुस्सा शांत होते ही उसे समझ में आ जाएगा कि वह कितनी गलती कर रहा था।
और दूसरा आदमी चूप रहके भी सब कुछ बोल जाएगा।
- अरुण सिंघ
🌸 नवरात्रि के प्रथम दिन का महत्व – माँ शैलपुत्री की आराधना नवरात्रि भारत के प्रमुख हिन्दू पर्वों में से एक है, जो माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का प्रतीक है। शारदीय नवरात्रि का आरम्भ प्रतिपदा (प्रथम दिन) से होता है। इस दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। 🌼 माँ शैलपुत्री का स्वरूप नाम का अर्थ : शैल (पर्वत) + पुत्री (बेटी) अर्थात् पर्वतराज हिमालय की पुत्री। माँ शैलपुत्री का वाहन नंदी बैल है। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है। माँ का यह रूप साधना की शुरुआत, स्थिरता और शुद्धता का प्रतीक है। 🙏 क्यों मनाया जाता है नवरात्रि? असुरों पर देवी की विजय : महिषासुर नामक राक्षस का संहार करने हेतु माँ दुर्गा ने नौ रातों तक युद्ध किया और दसवें दिन विजय प्राप्त की। आध्यात्मिक शुद्धि : नवरात्रि आत्म-शक्ति को जागृत करने, साधना, उपवास और आत्मसंयम का पर्व है। ऋतु परिवर्तन का उत्सव : यह समय वर्षा ऋतु से शरद ऋतु में प्रवेश का है, जब शरीर व मन को नई ऊर्जा की आवश्यकता होती है। 🕉️ पूजा विधि (प्रथम दिन) ...
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