सॉवन के जाने और वर्षा ऋतु के सुहाने मौसम में कुछ ना लिखे तो आनंद नहीं ।..
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कुदरत ने ना कहने की कोई चीज नहीं बनायी ।
ना पानी बहने को मना करती ,
और ना ही हवा ।
ना सूरज चमकने से मना करता ,
और ना ही अंधेरा आने को ।
ना ही सुख , ना ही दुख ।
कोई ना नहीं कहता ।
सब आते ही हैं, अपने समय से ।
ना नदी अपनी रुख़ बदलती ,
ना समंदर अपनी गहराई ।
पर्वत कभी झुकता नहीं ,
बादल कभी बरसने से मना नहीं करते ।
सब होता ही अपने समय से ।
जो आया है , वो जाएगा भी ।
इसको ना कोई बदला है ,
ना बदल सकता ।
सब होता ही है ,
अपने समय से ।
- अरुण सिंह
प्यार एक अजीब सा एहसास है। जिसको सब समझ नही सकते । केवल उसी को समझ में आता है जिसको प्यार होता है । कोई इस एहसास को बता भी नही सकता । इसको केवल महसूस किया जा सकता है । यह आपके जीवन में कई बदलाव ला सकता है।
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